BRAHMAKUMARIS Aaj Ka Purusharth 6 AUGUST 2019 – आज का पुरूषार्थ

बाबा कहते हैं … बच्चे, आखिर कब तक बाप तमोप्रधानता की speed को रोक कर रखेगा…?
आप कब तैयार होंगे…?

बस बच्चे, अब आप न्यारे हो जाओ, अर्थात् आपके पास कोई भी छोटी, चाहे बड़ी किसी भी तरह की problem हो, उसे माया का वार समझ cross कर लो।

देखो, आप बच्चे युद्ध के मैदान में हो और जब तक आप सम्पूर्ण विजयी नहीं बन जाते, तब तक माया और प्रकृति मिल, आप बच्चों पर वार करती रहेगी।

किन्तु आप बच्चों को कोई भी तन की problem हो, मन में स्वयं की ही कमज़ोरी के संकल्प हों, धन ऊपर-नीचे हो, या सम्बन्ध-सम्पर्क की तरफ से या अन्य आत्मा की तरफ से कोई भी problem आये, या चारों ही तरफ से कोई भी परिस्थिति आये, तो उसे *‘‘कुछ भी नहीं है…’’* – ऐसा सोच, झट से stable हो जाओ।

देखो बच्चे, आप पाँच तत्वों से बने इस तन में और तमोप्रधानता के बीच रह रहे हो, तो आपको दिखेगा, सुनेगा और महसूस तो वो ही होगा जिस रूप में आपके पास आयेगा, परन्तु आपके *‘‘कुछ भी नहीं है…’’* – ऐसा संकल्प करते ही वो बात हल्की हो जायेगी…।

वैसे भी इस दुनिया में है भी क्या…? कीचड़ पट्टी ही तो है…। बस, मन से इससे बार-बार न्यारे होने का अभ्यास करते रहो …

देखो, आप बच्चों की सारी ज़िम्मेवारी बाप की है … परन्तु तब, जब आप अपने संकल्प ना चला बाप पर समर्पण हो जाते हो…।

बस, किसी भी बात में स्वयं की मन-बुद्धि ना चला, बाप के according अपनी मन-बुद्धि चलाओ, फिर तो आप बच्चों की विजय हुई ही पड़ी है…।

बच्चे, इस समय आपकी मन-बुद्धि पर माया और प्रकृति का भी बीच-बीच में प्रभाव पड़ जाता है। इसलिए conscious में आते ही, अर्थात् aware रह, स्वयं की मन-बुद्धि को बाप के according चलाने का attention रखते रहो।

*जो करेगा, सो बनेगा* … अर्थात् इस समय बाबा केवल विजयी रत्न बनाने की ही पढ़ाई पढ़ा रहे हैं। केवल विजयी रत्न बच्चे ही परमात्मा बाप की पढ़ाई को सही रीति समझ अपने तन, मन, धन, सम्बन्ध-सम्पर्क या मन्सा, वाचा, कर्मणा को बाप के according use कर पाते हैं … अर्थात् विजयी रत्न बच्चे ही बाप की पढ़ाई को महीनता से समझ, 100% निश्चयबुद्धि बन, स्वयं को 100% समर्पण कर पाते हैं।

अच्छा। ओम शांति।

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**IMPORTANT POINT*

*आप पाँच तत्वों से बने इस तन में और तमोप्रधानता के बीच रह रहे हो, तो आपको दिखेगा, सुनेगा और महसूस तो वो ही होगा जिस रूप में आपके पास आयेगा, परन्तु आपके ‘‘कुछ भी नहीं है…’’ – ऐसा संकल्प करते ही वो बात हल्की हो जायेगी…।*

****This content is preferably for the regular students of Brahma Kumaris’ Institution.

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